fbpx

तमसो मा ज्योतिर्गमय किस उपनिषद से लिया गया है?

ब्रहादरण्यक

पवमान मन्त्र या पवमान अभयारोह बृहदारण्यक उपनिषद में विद्यमान एक मन्त्र है। यह मन्त्र मूलतः सोम यज्ञ की स्तुति में यजमान द्वारा गाया जाता था। ॐ असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय का सामान्य अर्थ यह है कि अंधकार से प्रकाश की ओर चलो, बढ़ो।